पायलेट करियर टिप्स

पायलट बनकर दे अपने सपनो को उड़ान ,सैलरी एक लाख से शुरू | करियर

जीवन को एक प्रतिष्ठित पहचान देने के लिए यूँ तो विभिन्न क्षेत्र है, लेकिन एविएशन इंडस्ट्री से जुड़ा पायलट का कोर्स करके भी आप अपने जीवन को एक सम्मानित पहचान दे सकते हैं. एविएशन इंडस्ट्री से जुड़ी सभी तरह के जॉब में पायलट की नौकरी युवाओं में सबसे अधिक लोकप्रिय है. यहां न केवल भरपूर पैसा है, बल्कि आसमान में अटखेलियां करने वाला अनोखा रोमांच भी इस जॉब में है. जहां तक सैलरी की बात है, तो एक कमर्शियल पायलट की औसत सैलरी एक लाख से शुरू होकर साढ़े चार लाख प्रति माह तक हो सकती है. इन दिनों एविएशन इंडस्ट्री में विदेशी कंपनियों के आने से पायलट की डिमांड खूब है.


डिमांड में क्यों?
भारतीय एविएशन इंडस्ट्री इन दिनों तेजी से विकास कर रही है. दरअसल, सरकार की ओपन स्काई पॉलिसी ने इस इंडस्ट्री को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों से जुडऩे का मौका दे दिया है. सच तो यह है कि आगामी आठ-दस सालों में छह हजार के लगभग पायलटों की डिमांड रहने की संभावना है.


कैसे चुने राह?
यदि आप पायलट बनना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको कुछ बेसिक जानकारियों से अवगत अवश्य ही होना होगा, जैसे-कमर्शियल पायलट बनने के लिए एसपीएल यानी स्टूडेंट पायलट लाइसेंस और पीपीएल यानी प्राइवेट पायलट लाइसेंस प्राप्त करना होता है, लेकिन इससे पहले यह जरूरी है कि आपने बारहवीं में साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) पढ़ा हो और खुद को मेडिकली फिट भी पाते हों. यदि इस फील्ड में कॅरिअर का आगाज़ करने के लिए उम्र-सीमा की बात करें, तो महज 16 वर्ष में ही आप फ्लाइंग के योग्य हो सकते हैं और 65 वर्ष की अवस्था तक इस कॅरिअर का आनंद ले सकते हैं.


ऐसे मिलेगा एसपीएल सर्टिफिकेट
एसपीएल सर्टिफिकेट पाने के लिए यह जरूरी है कि बारहवीं कक्षा में आपकी शिक्षा साइंस संकाय से हो और आपकी न्यूनतम उम्र हो 16 वर्ष. इसके बाद निदेशक जनरल ऑफ सिविल एविएशन, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया (डीजीसीए) में भी आपको रजिस्ट्रेशन कराने के योग्य होगें. लेकिन इससे पहले यह जरूरी है कि आपके मेडिकल सर्टिफिकेट, सिक्योरिटी क्लीयरेंस के साथ-साथ आपके पास बैंक गारंटी भी हो. डीजीसीए में पंजीकरण कराने के बाद आपको एक मौखिक परीक्षा से भी गुजरना होगा, क्योंकि इस परीक्षा में पास होने के बाद ही कोई एसपीएल सर्टिफिकेट के योग्य हो सकता है.


एसपीएल सर्टिफिकेट के बाद पायलट लाइसेंस

एसपीएल सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद पीपीएल यानी प्राइवेट पायलट लाइसेंस की जरूरत होती है. इसे प्राप्त करने के बाद ही कैंडिडेट खुद उड़ान भरने के योग्य बन सकता है. इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए भी बारहवीं में साइंस विषय होना चाहिए, और न्यूनतम उम्र होनी चाहिए 17 वर्ष. इसके साथ-साथ आम्र्ड फोर्सेज सेंट्रल मेडिकल एस्टेब्लिसमेंट यानी एएफसीएमई से आपको एक मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी प्राप्त करना होगा.
क्या पढ़ाया जाता है?
कमर्शियल पायलट बनने के लिए दी जा रही ट्रेनिंग में कैंडिडेट्स निम्नलिखित विषयों की बारीकियों से अवगत होते हैं.

  • एयर रेगुलेशंस
  • एविएशन मेटीरियोलॉजी, एयर नेविगेशन
  • एयरक्रॉफ्ट इंजिन (टेक्निकल और स्पेसिफिक दोनों)
  • प्लानिंग एंड कम्यूनिकेशन (रेडियो और वायरलेस ट्रांसमिशन के रूप में) आदि.


कौन हो सकते हैं इस कोर्स के योग्य कैंडिडेट?

इस फील्ड में आने के लिए यह जरूरी है कि आई-साइट बेहतरीन हो. हाथ और पैरों का तालमेल यानी मोटर स्किल्स कॉर्डिनेशन काफी अच्छा हो. इन सबके साथ आपके अन्दर आपका आत्मविश्वास किसी भी परीक्षा में आपके लिए अत्यंत सहयोगी होगा.
यहां भी हैं संभावनाएं
शुरूआती दौर में कोर्स पूर्ण होने के बाद आप किसी छोटे स्तर के एयरक्राफ्ट में ट्रेनी पायलट के रूप में जॉब कर सकते हैं. इससे आप में आत्मविश्वास बढ़ेगा.

सौ.- विष्णु चौहान

(लेखक एक स्वतंत्र पत्रकार हैं)

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